Agriculture Budget 2022 Highlights in Hindi । 10 बड़ी घोषणाएं बड़ी बातें PM Modi news ।

नमस्कार दोस्तों वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 39.45 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया का आम बजट 1 फरवरी 2022 संसद में माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी के द्वारा पेश किया गया सरकार इस बजट को लेकर गौरवान्वित महसूस कर रही है उसी के साथ विपक्ष इस बजट को zero’, ‘golmaal’ and ‘directionless तथा महत्वहीन और महंगाई बढ़ने वाला बजट बता रही है

सबसे पहले आपको बता दूं इस वित्त वर्ष में कृषि बजट में सिर्फ 1% का इजाफा हुआ है

हम समझेंगे की इस बजट में कृषि के लिए क्या-क्या घोषणाएं की गई है और उनको विस्तार से समझेंगे कि वास्तव में कृषि बजट किसानों के लिए एक कारगर साबित होगा या इसमें केवल दावे ही किए गए हैं और जानेंगे वह कौन सी उम्मीदें हैं जो पूरी नहीं हो पाई और लास्ट में बताऊंगा इस पर विपक्ष की और किसान नेताओं की क्या-क्या प्रतिक्रियाएं आई हैं 

यह अमृतकाल बजट अमृतकाल यानि आजादी के 100 साल यानी 2047 तक का ब्लूप्रिंट है हमने 2 साल से टैक्स नहीं बढ़ाया है यह सबसे बड़ी राहत की बात है यह कहना है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 

https://youtu.be/A81-F9ogkDk

                                         

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अब जानते हैं कौन कौनसी घोषणा की गयी

2.37 लाख करोड़ रुपए सीधे किसानों के खाते में जाएंगे 2021-22 में 163 लाख किसानों से एमएसपी पर 1208 टन गेहूं और धान की अनुमानित खरीद की जाएगी इसके लिए 2.37 लाख करोड रुपए का भुगतान सीधा किसानों के खाते में किया जाएगा इसके मुकाबले 2020-21 में 179 लाख किसानों से एमएसपी पर 1312 लाख टन गेहूं और धान की खरीद की गई थी अर्थात इस वित्त वर्ष में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कम खरीद की जा रही है

सरकार का कहना है कि स्टार्टअप कल्चर लाएंगे और हाईटेक बनाएंगे ड्रोन से होगी फसलों की निगरानी और छिड़काव भी

कृषि फसलों का आकलन करने भूमि दस्तावेजों का डिजिटललाइजेशन कीटनाशकों व पोषक तत्वों का छिड़काव करने के लिए किसान ड्रोनस के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा आम बजट के प्रस्तावों से संकेत मिलता है कि सरकार देश में खेती-बाड़ी को हाईटेक बनाना चाहती है इसके लिए पीपीपी यानी कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में एक नई योजना शुरू की जाएगी जिसके तहत किसानों को डिजिटल और हाईटेक सेवाएं मुहैया कराई जाएगी और खेती बाड़ी में ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा हालांकि कृषि बजट आवंटन में न के बराबर बढ़ोतरी की गई है पिछले बजट में कृषि मंत्रालय के लिए 1.23 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया गया जिसे संशोधित करके एक दशमलव 1.18 लाख करोड रुपए कर दिया गया इसके मुकाबले नए वित्त वर्ष में बजट में इस विभाग के लिए 1.24 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है यानी 1 फ़ीसदी से भी कम बढ़ोतरी की गई है इसके साथ किसान सम्मान निधि के लिए बजट आवंटन में भी केवल 500 करोड रुपए की बढ़ोतरी की गई है

नई योजना से मिल सकेगी डिजिटल सेवाएं

वित्त मंत्री ने कहा कि पीपीपी मोड में एक नई योजना शुरू की जाएगी जिसके तहत किसानों को डिजिटल और हाईटेक सेवाएं मुहैया कराई जाएगी इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की अनुसंधान और विस्तार संस्थाओं के साथ-साथ कृषि निजी प्रौद्योगिकी कंपनियों और एग्री वैल्यू चैन शामिल होगी 

गंगा किनारे की जाएगी प्राकृतिक खेती

बजट में प्राकृतिक खेती पर जोर दिया गया है देशभर में केमिकल फ्री प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा पहले चरण की योजना में गंगा नदी से सटे 5 किलोमीटर चौड़े कोरिडोर के अंतर्गत आने वाली किसानों की जमीन आएगी प्राकृतिक खेती पूरी तरह से रसायन में प्रक्रिया होती है

नाबार्ड से मिलेगी एग्री स्टार्टअप को फंडिंग 

नाबार्ड की मदद से कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप कल से शुरू किया जाएगा इसका उद्देश्य एग्री प्रोडक्ट वैल्यू चैन के लिए उपयुक्त कृषि और ग्रामीण उद्यमों से संबंधित स्टार्टअप्स की फंडिंग होगी यह स्टेटस किसानों को किराए पर मशीनरी उपलब्ध कराएंगे और आईटी बेस सपोर्ट मुहैया कराएंगे 

जानते हैं उन उम्मीदों के बारे में जो किसान बहुत दिनों से लगाए बैठे थे जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई 

सबसे पहले कीटनाशकों पर जीएसटी की दर 18% से घटकर 5% किया जाना

इसके साथ कीटनाशकों के टेक्निकल्स पर आयात शुल्क 10% से बढ़कर 20% करना

रेडीमेड फॉर्मूलेशन पर आयात शुल्क 10% से बढ़कर 30% करना 

न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को कानूनी तौर पर अनिवार्य बनाना 

यूरिया के लिए नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैंडर्ड एनबीएस शुरू करना 

महामारी को देखते हुए किसान सम्मान निधि में बहुत अधिक बढ़ोतरी करना

यह सभी मांगे किसानों की थी लेकिन इन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया

अब जानते हैं  विपक्ष के द्वारा और किसान नेताओं के द्वारा क्या कुछ कहा गया है इस बजट पर 

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने केंद्रीय बजट-2022 में कृषि क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं को लेकर निराशा प्रकट की है। राकेश टिकैत ने कहा आज बजट में मोदी सरकार ने MSP का बजट पिछले साल से काफी कम कर दिया। 2021-22 में MSP पे खरीदी का बजट 248000 करोड़ था जो 2022-23 के बजट में घट कर 237000 करोड़ रह गया,वह भी सिर्फ धान और गेहू की खरीदी के लिए। ऐसा लगता है सरकार दूसरे फसलों की MSP पे खरीदी करना ही नहीं चाहती है। 

कांग्रेस लीडर श्री राहुल गांधी ने कहा कि सरकार गरीबों, किसानों,MSMEतथा मिडिल क्लास को रिलीफ देने में fail रही है इसके साथ उन्होंने कहा कि यह बजट जीरो  सम बजट है 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2022-23 के केंद्रीय बजट को ‘निराशाजनक’ बताया।  “कोरोना काल में लोगों को बजट से काफी उम्मीदें थीं।  बजट ने लोगों को निराश किया है।  आम जनता के लिए बजट में कुछ भी नहीं है।  मूल्य वृद्धि को कम करने के लिए कुछ भी नहीं है।” 

तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री चंद्रशेखर राव ने केंद्रीय बजट को ‘गोलमाल बजट’ के रूप में भी वर्णित किया जिसने किसानों, श्रमिकों और आम लोगों को निराश किया।  “मैं भारत के लोगों से अपील करता हूं, आज का बजट देखकर मैं पूरी तरह से परेशान हूं।  संसद के मंच पर जो झूठा प्रचार किया जा रहा है वह पूरी तरह गलत है। 

भारत सरकार के मन में किसानों के लिए कोई सम्मान नहीं है, गरीबों के लिए कोई सम्मान नहीं है, 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट को ‘पेगासस स्पिन बजट’ बताते हुए इसकी आलोचना की।  “बजट आम लोगों के लिए शून्य है, जो बेरोजगारी और मुद्रास्फीति से कुचले जा रहे हैं।  सरकार बड़े शब्दों में खो गई है, जो कुछ भी नहीं दर्शाता है 

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने बजट 2022 को दूसरी मन की बात बताया

निष्कर्ष

मैं आशा करता हूं कि आपको मेरे द्वारा दी गई यह जानकारी जरूर पसंद आयी होगी और मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है कि ब्लॉग पर आए सभी पाठकों को कृषि संबंधित सभी प्रकार की जानकारी प्रदान की जाए जिससे उन्हें किसी दूसरी साइट या आर्टिकल को खोजने की जरूरत जरूरत ना पड़े। इससे पाठक के समय की भी बचत होगी और एक ही प्लेटफार्म पर सभी प्रकार की जानकारी मिल जाएगी। अगर आप इस आर्टिकल से संबंधित अपना कोई भी विचार व्यक्त करना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपना सुझाव अवश्य दें।

                   यहां आने के लिए धन्यवाद।

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