Agriculture Export Business | सम्पूर्ण ज्ञान | How to Export Agri Products From India |

नमस्कार दोस्तों APEDA यानी Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority  के तहत उत्पादों का Export अप्रैल से नवंबर 2020-21 में 11,671 मिलियन अमरीकी डालर से बढ़कर अप्रैल से नवंबर 2021-22 में 13,261 मिलियन अमरीकी डालर हो गया। एक्सपोर्ट होने वाले उत्पादों में सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट होने वाला उत्पाद चावल था एक्सपोर्ट नाम सुनते ही आदमी घबरा जाता है उसको नहीं समझ में आता है कि यह कैसे होता है?

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Table of Contents

1. इसमें बात करेंगे कैसे बंबू और एग्रीकल्चर रिलेटेड प्रोडक्ट्स को एक किसान या युवा बिजनेसमैन और छोटा व्यापारी कैसे एक्सपोर्ट कर सकता है
2. एक्सपोर्ट करने के लिए क्या-क्या मुख्य requirement होती हैं? 
3. एक्सपोर्ट करना क्यों जरूरी है? 
4. एक्सपोर्ट लाइसेंस कैसे प्राप्त कर सकते हैं?और इसके लिए कितनी फीस लगती है 
5. MSMEs को सरकार स्पेशल क्या क्या ऑफर दे रही है इसमें सरकार आपको आपके खर्चे का पैसा रिटर्न करती है तो कैसे  रिटर्न करती है?
6. एक्सपोर्ट किस-किस मार्ग से कर सकते हैं?
7. एक्सपोर्ट करने में किस-किस समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उनका क्या solution है ? 
8. एक्सपोर्ट करने के लिए सरकार क्या छूट दे रही है? 
9. टैरिफ क्या रहने वाला है ड्यूटी या टैक्स कितना लगेगा? 
10. सरकार के वह कौन कौन से portal है जिसके माध्यम से आप एक्सपोर्ट कर सकते हैं?

इन सभी  प्रश्नों के जवाब आपको मिलेंगे अगर आप इसके अलावा अलग से bamboo या किसी एग्रीकल्चर से रिलेटेड विशेष प्रोडक्ट पर Artical चाहते हैं कि उसको कैसे एक्सपोर्ट करें उसकी मार्केट साइज क्या रहने वाली है कौन कौन सी टॉप कंट्रीज है जो इंडिया से इंपोर्ट करती है उस प्रोडक्ट की डिमांड कितनी है export quality कैसी होनी चाहिए और कॉन्पिटिशन क्या रहने वाला है एप्लीकेशन प्रोसेस क्या रहेगी HS कोड क्या रहता है तो इसके लिए आप मुझे कमेंट सेक्शन में ज्यादा से ज्यादा कमेंट करके बताएं जिस प्रोडक्ट के बारे में ज्यादा कमेंट आएंगे उसके बारे में एक अलग से Artical आपके लिए लेकर आऊंगा

सबसे पहले जानते हैं की MSMEs यानी Micro, Small & Medium Enterprises को सरकार स्पेशल क्या क्या ऑफर दे रही है इसमें सरकार आपको आपके खर्चे का पैसा रिटर्न करती है

सरकार ने साफ कहा है अगर आप इंटरनेशनल ट्रेड फेयर एग्जिबिशन में जा रहे हैं तो सरकार आपके पैसे reimbursement यानी क्षतिपूर्ति करेंगी सरकार स्माल माइक्रो कंपनीज को 50% तक का स्टाल charges और 75% तक एयरफेयर cost वापस करती है अतः आपको stall  लगाने के लिए जो पैसा लगता है उसमें 50% तक का पैसा सरकार देती है और आपके आने जाने का किराया होता है उसमें 75% तक सरकार वहन करती है तथा इसके साथ महिलाओं के लिए यह 100% तक stall and air fare charges फ्री रहता है सरकार के पास कुछ बजट Limitation होती है तो सरकार ने इसमें एक लिमिट तय की है इसमें अधिकतम 1.25 लाख  रुपए तक की ही छूट मिलती है

अब जानते हैं export के लिए क्या क्या रिक्वायरमेंट होती है?

सबसे पहले 4 रिक्वायरमेंट की बात करेंगे जो एक्सपोर्ट के लिए बहुत जरूरी होता है 

1. फंडरेजिंग 

2. कस्टमर एक्विजिशन 

3. कस्टम क्लीयरेंस 

4. लॉजिस्टिक यह सब जान गए तो आप आसानी से एक्सपोर्ट कर पाएंगे FIEO यानी फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्टर ऑर्गेनाइजेशन जो मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स गवर्नमेंट ऑफ इंडिया की ओर से बनाया गया है यह आपकी मदद करता है एक्सपोर्ट करने में 

अब जानते हैं एक्सपोर्ट करना क्यों जरूरी है 

क्योंकि जब कोई भी किसान या कोई भी कारोबारी एक ही देश में अपना कारोबार करता है तो उसे एक लिमिटेड मार्केट मिलती है जिसके कारण उसको बहुत कम मार्जिन मिल पाता है क्योंकि एक किसान अगर अन्न उत्पन्न करता है या कोई भी प्रोडक्ट तैयार करता है तो वह किसी ना किसी बड़े बायर को ले जाकर बेचता है या बाहर किसी दूसरे बड़ी सिटी के व्यापारी को ले जाकर बेचता हैं और वह वहां से डायरेक्ट एक्सपोर्ट करता हैं इसमें किसान को बहुत कम पैसा मिल पाता है और पूरा पैसा ट्रेडर या ट्रेड सप्लायर ही कमाते हैं क्योंकि किसान को नहीं पता कि कैसे एक्सपोर्ट किया जाता है और एक्सपोर्ट करना उसकी समझ से बाहर हो जाता है तथा अगर वह बाहर दूसरे देश में एक्सपोर्ट करें तो उसको लायबिलिटी बहुत ज्यादा हो जाती है और वह दुनिया के 194 और देशों में अपना माल भेज सकता है जिससे अच्छी इनकम कमा सकता है इसके साथ अगर आप एक्सपोर्ट करते हैं तो हमारे देश की इकोनॉमी और भी स्ट्रांग होती है क्योंकि जब हम Export करते हैं तो बाहर से डॉलर हमारे देश में आता है और हमारे देश का रिजर्व funds बढ़ता है जिससे हमारी economy स्ट्रांग होती है इसलिए मैं आप सभी से यह विनती करता हूं कि आप ज्यादा से ज्यादा एक्सपोर्ट करें जिससे आप ज्यादा से ज्यादा पैसे भी कमाए और इस देश को आर्थिक मजबूती भी प्रदान कर पाए और आप इंडिया में सप्लाई करते हैं तो आपका एक लिमिटेड मार्केट होता है 

अब जानते हैं एक्सपोर्ट करने के क्या क्या फायदे हैं 

इसका सबसे मुख्य फायदा यह होता है अगर जैसे आप इंडिया में रहते हैं और इंडिया की इकोनामी में स्लो डाउन चल रहा है अर्थात मंदी का दौर चल रहा है और US यानी अमेरिका में मार्केट तेज है तो आप वहां की तेजी का फायदा उठा सकते हैं और अच्छा पैसा कमा सकते हैं। अब जब हम देखते हैं कि इंडिया को हमें ही 5 ट्रिलियन इकोनामी बनाना है 2025 में और 10 ट्रिलियन इकोनामी बनाना है 2035 में तो हमारे एक्सपोर्ट को 531 billion-dollar से इसको हमें लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना होगा

हमारी इकोनॉमी में 17 प्रतिशत कंट्रीब्यूशन एक्सपोर्ट का है जिसमें से लगभग 10% केवल एग्रीकल्चर प्रोडक्ट का है इसको 20 पर्सेंट तक ले कर जाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका नए एंटरप्रेन्योर्स की होगी छोटे व्यापारी किसान भाइयों जो एक्सपोर्ट करना चाहते हैं उनकी सबसे बड़ी भूमिका होगी

अब बात करते हैं एक्सपोर्ट लाइसेंस कैसे प्राप्त कर सकते हैं? और इसके लिए कितनी फीस लगती है

नॉर्मल लोगों को लगता है कि एक्सपोर्ट करना बहुत कॉम्प्लिकेटेड है या बहुत ज्यादा मुश्किल है इसलिए हर छोटा व्यापारी किसान और युवा व्यक्ति इस एक्सपोर्ट बिजनेस को करना तो चाहते है लेकिन वह घबरा जाता है और हेरिटेज रहते है कि यह कैसे होगा तो मैं आपको बता दूं आपको कुछ नहीं करना आपको केवल 250 रुपये की फीस के साथ आपको ऑनलाइन DGFT यानी Directorate General of Foreign Trade  को online अप्लाई करना है डीजीएफटी  एक्सपोर्ट इंपोर्ट लाइसेंस मैक्सिमम 3 दिन में प्रोवाइड करवाता है कभी-कभी सेम डे यानी उसी दिन यह लाइसेंस जारी कर देता हैं जब DGFT लाइसेंस और कोड नंबर  दे देता है तो यह नंबर तब तक वैलिडो रहते हैं जब तक आपकी फर्म और कंपनी रहती है या आप जब तक कंपनी या फर्म को चलाते हैं

जितना भी एक्सपोर्ट होता है उसमें सरकार एग्रीकल्चर की डिमांड एंड सप्लाई देखकर एक्सपोर्ट allow करती हैं क्योंकि गवर्नमेंट देश में हर पहलू को जांचकर सुनिश्चित करती है कि हमारे देश में कितना प्रोडक्शन हो रहा है हमारे देश में उसकी कितनी जरूरत है उसके बाद हमारे पास कितना सर प्लस बच रहा था यानी कि कितना एक्स्ट्रा उत्पाद बच रहा है उसको ही गवर्नमेंट बेचने के लिए allow करती है अन्यथा अगर हम हद से ज्यादा या बहुत ज्यादा हम एक्सपोर्ट कर देंगे तो हमारे देश में उस उत्पाद की कमी हो जाएगी उसके बाद हमें दूसरे देश से वापस से इंपोर्ट करना पड़ेगा इससे इकोनामी को बहुत नुकसान होता है इसलिए सरकार हर पहलू को जांच कर ही एक्सपोर्ट करने की अनुमति देती है

अब बात करते हैं सरकार के वह कौन कौन से portal है जिसके माध्यम से आप एक्सपोर्ट कर सकते हैं? तथा एक्सपोर्ट करने के साथ टैक्स और ड्यूटी कैसे बचा सकते हैं?

आप निर्यात मित्र एप डाउनलोड कर सकते हैं यह ios और एंड्रॉयड मतलब आईफोन और एंड्राइड दोनों फोनों में चलता है उसको जब आप ओपन करोगे ओपन करने के बाद उसमें आप कोई भी प्रोडक्ट जो आप एक्सपोर्ट करना चाहते हैं उसको वहा लिस्टेड करो वह अब आपको बता देता है कि इसमें सरकार आपको क्या क्या बेनिफिट दे रही है  क्या क्या इसमें छूटे हैं यह सब इंफॉर्मेशन आपको दे देती है इसके साथ यह बताती है कि आपको कितना क्रेडिट मिलेगा कितनी जीएसटी रिफंड होगी कितना पर्सेंट आपको ड्यूटी ड्रॉबैक मिलेगा और सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण अगर इंडिया का किसी देश के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है अर्थात भारत सरकार और जिस देश में आप एक्सपोर्ट करना चाहते हो अगर उस देश के साथ भारत सरकार का पहले से एक ऐसा एग्रीमेंट तैयार किया हुआ है जो कि उस देश से कोई भी सामग्री हमारे देश में आती है या हमारे देश में कोई भी प्रोडक्ट उस देश में जाता है तो वह व्यापारिक तौर पर फ्री होता है इस पर किसी भी प्रकार की इंपोर्ट एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगती है किसी भी प्रकार का कोई दूसरा टैक्स नहीं लगता है तो अगर आप export कर रहे हो तो वहां से आप चेक कर सकते हैं कि  उस देश के साथ भारत सरकार का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है या नहीं अगर है तो उसका भी आपको लाभ मिलेगा

भारत सरकार का एक पोर्टल है इंडिया ट्रेड पोर्टल उसको जब आप ओपन करेंगे वहां आप अपने प्रोडक्ट का HS कोड एंड प्रोडक्ट का डिस्क्रिप्शन वहां देंगे और उसके साथ आगे आपको कंट्री सेलेक्ट करनी है कि आप किस किस कंट्री में एक्सपोर्ट करना चाहते हैं आप अधिकतम 5 कंट्रीज को सेलेक्ट कर सकते हैं तो यह आपको बता देगा वहां का नॉर्मल टैरिफ क्या रहेगा इंडिया से जब एक्सपोर्ट हो रहा है तो क्या-क्या टैरिफ पड़ रहा है यह सब वहां आपको screen per show करता है

MSME यानी Ministry of Micro, Small & Medium Enterprises की भी एक वेबसाइट है यहां पर आप प्रोडक्ट डिस्प्ले कर सकते हैं आपके प्रोडक्ट में दम होना चाहिए इंटरनेशनल मार्केट में हर प्रोडक्ट कि इतनी डिमांड होती है की जितना आप सप्लाई कर सकते हैं उतना कम पड़ जाता है

अब बात करते हैं एक्सपोर्ट किस-किस मार्ग से कर सकते हैं? कौन सा मार्ग सस्ता पड़ेगा?

अगर आपको जानना है कि कौन सा मार्ग सस्ता होता है तो इसके लिए आप कोगोपोर्ट एक वेबसाइट है अगर आप कोई भी प्रोडक्ट जल के रास्ते अर्थात जल मार्ग के रास्ते जहाज में भेजना चाहते हो आप यहां से जानकारी ले सकते हैं कि आपको क्या-क्या ट्रांसपोर्टेशन चार्ज लगेगा

निष्कर्ष

मैं आशा करता हूं कि आपको मेरे द्वारा दी गई यह जानकारी जरूर पसंद आयी होगी और मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है कि ब्लॉग पर आए सभी पाठकों को कृषि संबंधित सभी प्रकार की जानकारी प्रदान की जाए जिससे उन्हें किसी दूसरी साइट या आर्टिकल को खोजने की जरूरत जरूरत ना पड़े। इससे पाठक के समय की भी बचत होगी और एक ही प्लेटफार्म पर सभी प्रकार की जानकारी मिल जाएगी। अगर आप इस आर्टिकल से संबंधित अपना कोई भी विचार व्यक्त करना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपना सुझाव अवश्य दें।

                   यहां आने के लिए धन्यवाद।

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